काश दीयों की ही तरह, इंसान का दिल भी उन मेहनतकश हाथों के लिए तड़पता, काश दीयों की ही तरह, इंसान का दिल भी उन मेहनतकश हाथों के लिए तड़पता,
जिल्लत सह, जेबें भरने की तैयारी ने। जिल्लत सह, जेबें भरने की तैयारी ने।
सब दिन होत न एक समान उतार चढ़ाव चलते रहते ! सब दिन होत न एक समान उतार चढ़ाव चलते रहते !
जिसे देख कुदरत भी शर्माए , वैसी मनोहर प्रकृति हो तुम। जिसे देख कुदरत भी शर्माए , वैसी मनोहर प्रकृति हो तुम।
मेरी वफ़ा पे, तो खींच लाना मेरी शायरी को कठघरे में, और.. चारों ओर एक अदालत रख देना.. मेरी वफ़ा पे, तो खींच लाना मेरी शायरी को कठघरे में, और.. चारों ओर एक अदालत रख दे...
जब दुर्गम हो डगर तब मन में रख हौसला सुगम हो सफर। जब दुर्गम हो डगर तब मन में रख हौसला सुगम हो सफर।